कोयला संकट : भारत के पास दुनिया में सबसे ज्यादा बिजली बनाने की क्षमता, फिर भी क्यों है 👍😏

 देश में कोयले की कमी होने लगी है। कई राज्यों ने इसके चलते बिजली संकट गहराने की आशंका जताई है। दिल्ली, पंजाब, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। 


देश में कोयले की कमी होने लगी है। कई राज्यों ने इसके चलते बिजली संकट गहराने की आशंका जताई है। दिल्ली, पंजाब, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। इसमें जल्द से जल्द कोयले की कमी दूर करने की मांग की गई है, ताकि बिजली उत्पादन में होने वाली कमी को समय रहते दूर किया जा सके। हम आपको बता रहे हैं कि भारत में बिजली कैसे तैयार होती है? आखिर क्यों कोयले की कमी से देश में बिजली का संकट बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है? बिजली उत्पादन में भारत क्या करने की क्षमता रखता है? हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटयू) के प्रोफेसर और कन्नौज इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो. मनोज शुक्ला समझा रहे हैं बिजली उत्पादन का पूरा गणित... 
एक तरफ पावर प्‍लांट्स में कोयले की कमी से जुड़ी रिपोर्ट्स आ रही हैं। उत्‍तर प्रदेश समेत कुछ राज्‍यों में घंटों बिजली कटौती हो रही है। दूसरी ओर, राज्‍य सरकारें संकट भांपकर केंद्र सरकार से गुहार लगा रही हैं। इन सबके बीच केंद्रीय ऊर्जा मंत्री कहते हैं कि सब ठीक है। सारी आशंकाओं को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने 'निराधार' करार दिया है। सिंह ने रविवार को कहा कि संकट न तो कभी था, न आगे होगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 'हमारे पास आज के दिन में कोयले का चार दिन से ज़्यादा का औसतन स्टॉक है, हमारे पास प्रतिदिन स्टॉक आता है। कल जितनी खपत हुई, उतना कोयले का स्टॉक आया।' उन्‍होंने कहा क‍ि 'हमें कोयले की अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ानी है हम इसके लिए कार्रवाई कर रहे हैं।'

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