जंक फूड के प्रति ज्यादा आश्रित होना बीमारियों को न्योता दे रहा है। अत्यधिक चिकनाई व वसा युक्त भोजन से लीवर में फेट बढ़ जाता है। इनमें प्रोटीन की मात्रा तो लगभग होती ही नहीं जो सेहत के लिए ज्यादा जरूरती है। शुगर, ब्लड प्रेशर व ह्रदय रोग जैसी घातक बीमारियां इसी दूषित खान-पान का नतीजा है।
दूषित भोजन के सेवन का हमारे स्वास्थ्य पर प्रभाव -
भोजन जीवित रहने के लिये अनिवार्य है। परन्तु जब भी मुँह में हम कुछ डालते हैं तो यह सम्भावना अवश्य रहती है कि शरीर को पोषित करने के साथ-साथ भोजन हमें हानि भी कर सकता है, क्योंकि जो कुछ भी हम खाते हैं, उसके बारे में हमारा ज्ञान अधूरा ही होता है। हमें मालूम नहीं होता कि जब हमारा भोजन खेत में था तो उस पर कौन से कीटनाशक रसायन छिड़के गये जब वह गोदाम में था तो कितने चूहों और कीड़ों ने उसे खाया और कई बार यह भी मालूम नहीं होता कि पकाते समय भोजन जिन हाथों और बर्तनों के सम्पर्क में आया वे कितने साफ थे। इसके अतिरिक्त भोजन पर मक्खियाँ बैठकर उसे दूषित कर सकती हैं, भोजन अधिक समय तक रखने से दूषित हो सकता है और यदि लालच में आकर किसी व्यापारी ने भोजन में मिलावट की है तो खाद्य सामग्री उस कारण से भी हानिकारक हो सकती है। जीवाणु और फफूंद कैसे दूषित करते हैं इस लेख में इसी की जानकारी दी जा रही है।
आप शायद यह भी जानना चाहेंगे कि यदि हम गलती से दूषित भोजन ले लें तो क्या होगा। जीवाणु हमें दो प्रकार से हानि पहुँचा सकते हैं। कुछ जीवाणु हमारे पेट और आँतों में अपना प्रजनन जारी रखते हैं और इन अंगों की क्रिया अस्त-व्यस्त कर देते हैं। कुछ और जीवाणु और भोजन को दूषित करने वाले सफेद फफूँद ऐसे जहरीले पदार्थ या टॉक्सिन बनाते हैं जो शरीर में कई प्रकार के विकार पैदा कर सकते हैं। जहरीले पदार्थ बनाने वाले जीवाणु अधिक खतरनाक होते हैं क्योंकि वे केवल पेट और आंतों को ही नहीं शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकते हैं। कई जहरीले पदार्थ विशेषकर तंत्रिका प्रणाली के लिये हानिकारक होते हैं। दूसरी ध्यान देने योग्य बात यह है कि दूषित भोजन को यदि अच्छी तरह गरम किया जाए तो जीवाणु तो मर जाते हैं परन्तु जहरीले पदार्थ अछूते रह जाते हैं, इसलिये दूषित भोजन गर्म करने के बाद भी हानिकारक हो सकता है दूषित भोजन सेवन करने का मुख्य परिणाम उल्टी और दस्त होते हैं परन्तु जहरीले पदार्थ वाले भोजन से अन्य कई प्रकार के विकार भी हो सकते हैं और कभी कभार मृत्यु भी हो सकती है।
संचारी रोगों की बात करें तो दूषित भोजन और पानी की वजह से सबसे ज्यादा फैलने वाली बीमारियों में डायरिया, सांस की बीमारी तथा अन्य सामान्य संक्रामक रोग शामिल हैं. कुल बीमारियों में इनकी हिस्सेदारी 79.4 प्रतिशत है. उसके अलावा कुपोषण के कारण होने वाले रोगों की भागीदारी 17.3 प्रतिशत है.
दूषित भोजन का केवल एक ही उपाय है उसे फेंक दीजिए। उसे फ्रिज या अलमारी में रखना ठीक नहीं क्योंकि वह ठीक भोजन को भी खराब कर सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें